ज़िंदगी तुम्हारे बिना भी चलती रहेगी — तो खुद के लिए कब जियोगे?
ज़रा ठहर कर सोचो…जब तुम इस दुनिया से चले जाओगे,कुछ दिन तक लोग रोएंगे… तुम्हें याद करेंगे…फिर धीरे-धीरे सब सामान्य हो जाएगा।तुम्हारे घर में वही चूल्हा जलेगा,तुम्हारे हाथों से बनाए
ज़रा ठहर कर सोचो…जब तुम इस दुनिया से चले जाओगे,कुछ दिन तक लोग रोएंगे… तुम्हें याद करेंगे…फिर धीरे-धीरे सब सामान्य हो जाएगा।तुम्हारे घर में वही चूल्हा जलेगा,तुम्हारे हाथों से बनाए