घर, सोसायटी और समाज बदलाव की शुरुआत हमसे
एक बेहतर घर, बेहतर सोसायटी और बेहतर समाज की शुरुआत हमारे अपने व्यवहार, जिम्मेदारी और सहभागिता से होती है। मैं जिस टॉवर में रहती हूं, वहां कई वर्षों से सोसायटी
एक बेहतर घर, बेहतर सोसायटी और बेहतर समाज की शुरुआत हमारे अपने व्यवहार, जिम्मेदारी और सहभागिता से होती है। मैं जिस टॉवर में रहती हूं, वहां कई वर्षों से सोसायटी
सम्मान का वास्तविक अर्थ किसी व्यक्ति के जीवित रहते हुए उसकी अच्छाइयों और योगदान को स्वीकार करना है। हम अपने आसपास अक्सर एक बात देखते और महसूस करते हैं कि
अच्छी हेल्थ सिर्फ बीमारी न होने का नाम नहीं है, बल्कि शरीर, मन और ऊर्जा तीनों का संतुलित और हल्का महसूस होना ही वास्तविक स्वास्थ्य है। जब शरीर में ऊर्जा
मैनिफेस्टेशन (Manifestation) का अर्थ है —अपने विचारों, भावनाओं, विश्वास और कर्मों के माध्यम से अपने जीवन में इच्छित चीज़ों को आकर्षित करना।सरल शब्दों में,“जिस चीज़ पर हम लगातार ध्यान देते
कॉन्शियस माइंड और सबकॉन्शियस माइंड का अद्भुत रहस्यमनुष्य का जीवन केवल परिस्थितियों से नहीं बनता, बल्कि उसके विचारों से बनता है। हम जैसा सोचते हैं, वैसा महसूस करते हैं… और
ज़रा ठहर कर सोचो…जब तुम इस दुनिया से चले जाओगे,कुछ दिन तक लोग रोएंगे… तुम्हें याद करेंगे…फिर धीरे-धीरे सब सामान्य हो जाएगा।तुम्हारे घर में वही चूल्हा जलेगा,तुम्हारे हाथों से बनाए
आज की तेज़ रफ्तार 21वीं सदी में इंसान ने बहुत कुछ पा लिया है सुविधाएं, पैसा, नाम और पहचान…लेकिन अगर कुछ सबसे ज़्यादा खोया है, तो वह है रिश्तों की
21वीं सदी के आज के रिश्ते-नाते एक सच्चाई, एक बदलाव, एक समझ 21वीं सदी में रिश्तों का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है।पहले जहां रिश्ते जिम्मेदारी, धैर्य और समझ पर
समय… आज का इंसान हर वक्त एक ही बात कहता है — “मेरे पास समय नहीं है…”पर सच पूछो, तो समय कहीं गया ही नहीं… बस हम उससे दूर हो
“रसोई से दिल तक का सफर” कभी ध्यान दिया है…जब घर में मेहमान आते हैं, तो सबसे पहले एक औरत का दिल जागता है…वो सिर्फ खाना नहीं बनाती,वो अपनी भावनाएँ,