ज़िंदगी तुम्हारे बिना भी चलती रहेगी — तो खुद के लिए कब जियोगे?
ज़रा ठहर कर सोचो…जब तुम इस दुनिया से चले जाओगे,कुछ दिन तक लोग रोएंगे… तुम्हें याद करेंगे…फिर धीरे-धीरे सब सामान्य हो जाएगा।तुम्हारे घर में वही चूल्हा जलेगा,तुम्हारे हाथों से बनाए खाने की जगहकोई और खाना बनाकर परोसेगा…लोग खाएँगे, बातें करेंगे…पर तुम्हारा नाम धीरे-धीरे कम होता