ज़िंदगी तुम्हारे बिना भी चलती रहेगी — तो खुद के लिए कब जियोगे? - Dr Smita Nagarkar

ज़िंदगी तुम्हारे बिना भी चलती रहेगी — तो खुद के लिए कब जियोगे?

Life will go on without you

ज़रा ठहर कर सोचो…
जब तुम इस दुनिया से चले जाओगे,
कुछ दिन तक लोग रोएंगे… तुम्हें याद करेंगे…
फिर धीरे-धीरे सब सामान्य हो जाएगा।
तुम्हारे घर में वही चूल्हा जलेगा,
तुम्हारे हाथों से बनाए खाने की जगह
कोई और खाना बनाकर परोसेगा…
लोग खाएँगे, बातें करेंगे…
पर तुम्हारा नाम धीरे-धीरे कम होता जाएगा।
दोस्त… जो आज तुम्हारे बिना अधूरे लगते हैं,
कुछ ही समय बाद अपनी दुनिया में खो जाएंगे।
हँसी-मज़ाक, मस्ती… सब वैसा ही चलता रहेगा,
बस उसमें तुम नहीं रहोगे।
घर की दीवारों पर लगी तुम्हारी तस्वीर,
कुछ समय तक सजकर रहेगी…
फिर एक दिन वो भी उतर जाएगी,
और उसकी जगह कोई नई याद ले लेगी।
तुम्हारी जगह… कोई और ले लेगा,
तुम्हारा काम, तुम्हारी जिम्मेदारियाँ…
सब धीरे-धीरे किसी और के हाथों में चली जाएंगी।
और तब समझ आएगा
जिसे तुम अपनी पूरी दुनिया समझते थे,
वो दुनिया… तुम्हारे बिना भी चलती रहती है।
फिर क्यों…
हम पूरी ज़िंदगी दूसरों के पीछे भागते हैं?
क्यों अपनी खुशियाँ, अपने सपने,
अपनी छोटी-छोटी इच्छाएँ कुर्बान कर देते हैं?
सच तो ये है…
ज़िंदगी एक ही बार मिलती है,
इसे दूसरों के लिए जीते-जीते
खुद को खो देना समझदारी नहीं है।
अपने लोगों से प्यार करो,
उनका साथ निभाओ…
लेकिन खुद को मत भूलो।
थोड़ा अपने लिए भी जियो…
अपनी मुस्कान के लिए, अपने सुकून के लिए,
उन पलों के लिए जो सिर्फ तुम्हारे हैं।
क्योंकि आखिर में…
यादें ही बचती हैं, और वो भी धीरे-धीरे धुंधली हो जाती हैं।
इसलिए आज से…
ज़िंदगी को बोझ नहीं, एक खूबसूरत तोहफा समझो।
खुद से प्यार करो, खुद को समय दो…
और जीओ पूरी तरह, अपने लिए भी।

About the Author

Dr Smita Nagarkar

Dr. Smita Nagarkar is a healer, author, and motivational guide with over 30 years of experience in personal development, aromatherapy, and social service. She is dedicated to helping people achieve inner peace, confidence, and a balanced life through her classes, meditation sessions, and workshops.

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